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राजस्थान: गंदगी के मुद्दे पर नाराज गांव वालों ने किया चुनाव का बहिष्कार

Posted by  Vimal shukla

December  3 Monday  2018 10:49 PM

आमेर के सेवापुरा गांव के लोगों ने सोमवार को मतदान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया है.

दामोदर प्रसाद/जयपुर: राजस्थान विधानसभा चुनाव 7 दिसंबर को होने हैं एक ओर जहां सभी राजनीतिक पार्टियां जनता को रिजाने में जुटी हैं वहीं जयपुर के आमेर में ग्रामीणों ने चुनाव मतदान का बहिष्कार करने की चेतावनी दी है. आमेर के सेवापुरा गांव के लोगों ने सोमवार को चुनाव और मतदान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया है. दरअसल सेवापुरा ग्राम के लोगों में कचरा डिपो को लेकर जबरदस्त आक्रोश है.

क्षेत्रीय लोगों की मानें तो दिन रात कचरे की बदबू से लोगों को सांस लेना मुश्किल हो रहा है. जयपुर चुनाव आयोग अपने संसाधनों की शक्ति का प्रयोग करते हुए आम आवाम को समझा रहा है कि वोट डालना अपना अधिकार है. लेकिन इस अधिकार को आमेर विधानसभा क्षेत्र में आने वाले सेवापुरा ग्राम पंचायत के लोगों ने प्रयोग करने से मना कर दिया है. गांव वालो ने स्वच्छ भारत अभियान चलाने वाली सरकार से गंदगी के कारण नाराज होकर चुनाव में मतदान देने का बहिष्कार कर दिया है और गांव में बोर्ड लगाकर संदेश दे दिया है कि उनका गांव चुनाव का बहिष्कार कर रहा है.

दरअसल ग्रामीणों की पीड़ा ग्राम पंचायत में चलने वाले नगर निगम के डंपिग यार्ड को लेकर है जो पिछले कई महीनों से बंद है और कचरे के बने पहाड से ढ़ेर की बदबू से पूरी पंचायत के लोग दुखी और बीमार हो रहे है. इसी के चलते ग्रामीणों ने सरपंच और भानू प्रताप सिंह के नेतृत्व में चुनाव का बहिष्कार किया है. समस्या का समाधान नहीं होने तक लोगों ने चुनाव के बहिष्कार की चेतावनी दी है.

खबर के मुताबिक पूरे जयपुर शहर का कचरा सेवापुरा ग्राम पंचायत में इकट्ठा हो रहा है. ग्रामीणों ने बताया कि कचरे की वजह से वायु प्रदूषण फैल रहा है. वहीं जमीन के अंदर पानी भी काला पड़ गया है जिसके पीने से अनेको बीमारियां लोगो को लग गई है. गांव के लोगों में कैसर, चर्मरोग, बुखार, टीबी जैसी कई ऐसी बीमारियां भी अपना पैर पसारने लग गई है. ग्रमीणों की मानें तो कई बार चेतावनी देने के बाद भी नगर निगम ने कोई सुनवाई नहीं की जिससे अह गांव वालों ने यह फैसला ले लिया है कि अब वह चुनाव का बहिष्कार करेंगे.

गैरतलब है कि रविवार को भी सफाई के ही मुद्दे पर नाराज होकर कुछ लोगों ने बीजेपी नेता और कार्यकर्ताओं की जमकर पिटाई की थी. बीजेपी नेता अशोक लाहोटी जो गए तो थे जनता के बीच वोट मांगने पर लोगों का गुस्सा देखकर नेता जी उल्टे पांव वापस चल पड़े. खबर के मुताबिक नेता जी अपने कार्यकर्ताओं, निगम पार्षद के साथ जनता के बीच समर्थन मांगने गए. लेकिन नाराज जनता ने नेताओं का विरोध करना शुरू कर दिया.

जनता का यह विरोध इस हद तक बढ़ गया कि स्थानीए महिलाओं ने अशोक लाहोटी के साथ आए कार्यकताओं की पिटाई शुरू कर दी. महिलाएं पहले तो नेताओं के साथ धक्का-मुक्की करने लगीं फिर बात इतनी बढ़ गई कि महिलाओं ने डंडे से कार्यकर्ताओं की पिटाई शुरू कर दी. वहीं अशोक लाहोटी के साथ गए पूर्व निगम पार्षद समुंद्र सिंह भी जनता के गुस्से का शिकार बन गए. मौके पर मौजूद महिलाओं ने समुंद्र सिंह की भी जमकर पिटाई की.

लेकिन इस बात से इतना तो तय है कि अब सभी सरकार और नेताओं को जनता से किए गए वादों को पूरा करना होगा. जनता की समस्याओं को सुनकर को उन्हें सुलझाना पड़ेगा नहीं तो ये जनता अब ऐसे ही नेताओं को अपनी बात समझाएगी. अब सभी पार्टियों के नेताओं को झूठे वादे करने से पहले इस बात की गंभीरता को समझना पड़ेगा की अब जनता समझदार हो गई है, नेताओं के झूठे वादों से काम नहीं चलेगा.